लेकिन पत्र भेजने वाले ईरान के राष्ट्रपति रूहानी ने ही मंगलवार को एलान किया कि ईरान अपने फ़ोर्दो परमाणु प्रतिष्ठान में उच्च स्तर पर यूरेनियम का सवंर्धन शुरू करने जा रहा है। इस तरह ईरान ने यह साबित कर दिया है कि अमरीका हो या उसके घटक हों ईरान किसी के सामने भी किसी तरह की कमज़ोरी महसूस नहीं कर रहा है।
ईरान की कूटनीति में हमेशा नर्मी रहती है और दुशमनों से भी संपर्क का रास्ता खुला रखने पर ज़ोर दिया जाता है। ईरान ने फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों के साथ हमेशा संबंध और संपर्क बनाए रखने पर ज़ोर दिया। ईरान ने इन देशों के साथ अनाक्रमण संधि की पेशकश की अलबत्ता इन देशों ने शायद अमरीका के दबाव में आकर ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
यह स्वाभाविक है कि ईरान की ओर से यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया बहाल किए जाने से परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों की चिंता बढ़ेगी। विशेषकर इसलिए कि ईरानी राष्ट्रपति रूहानी ने घोषणा की है कि फ़ोर्दो परमाणु प्रतिष्ठान में 1044 आधुनिक सेंट्रीफ़्यूज मशीनें तेज़ी से यूरेनियम संवर्धन करेंगी।
राष्ट्रपति रूहानी ने यूरोपीय देशों को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया कि वह ईरान पर अमरीकी प्रतिबंधों का असर ख़त्म करने के उद्देश्य से सहयोग का स्तर बढ़ाएं लेकिन जब इन देशों ने अपना सहयोग नहीं बढ़ाया तो ईरान ने भी परमाणु समझौते की प्रतिबद्धता के पालन में कमी कर दी। अमरीका तो ईरान पर नए प्रतिबंध लगाता जा रहा है। इन हालात में नहीं लगता कि यूरोपीय देश ईरान से सहयोग का स्तर बढ़ाएंगे। अमरीका ने इस बार ईरान के 9 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जिनमें सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनई के बेटे मुजतबा ख़ामेनई, ईरान के न्यायपालिक प्रमुख इब्राहीम रईसी और सुप्रीम लीडर के कार्यालय के चीफ़ आफ़ स्टाफ़ गुलपायगानी शामिल हैं।
यह बात साफ़ है कि अमरीका की प्रतिबंधों की नीति का मुक़ाबला करने के लिए ईरान चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ने की रणनीति पर चल रहा है। ईरान की ओर से यह कोशिश भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है कि लेबनान और इराक़ में भ्रष्टाचार समाप्त करने की जनता की मांगों को पूरा किया जाए।
ईरानी प्रशासन को इन हालात में एक उपहार ग़ज़्ज़ा में हमास आंदोलन के राजनैतिक ब्योरो चीफ़ यहया अस्सिनवार से मिला है। उन्होंने हमास को ईरान से मिलने वाले आर्थिक और सामरिक समर्थन की बेहद सराहना की। उनका कहना है कि ईरान ने हमास की वह मदद कर दी है कि अगले छह महीने तक हमास इस्राईल के अलग अलग इलाक़ों पर मिसाइल बरसाने में सक्षम है और हमास ने 70 हज़ार संघर्षकर्ताओं को पूरी तरह हथियारों से लैस कर दिया है। मित्र वही है जो कठिन समय में काम आए।
साभार रायुल यौम